आप के विचार में क्या नोटेबंदी सफल या असफल?


देश में छूपे कालेधन को बाहर लाने के लिए मोदी सरकार द्वारा 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद बड़ी मात्रा में कालाधन सामने आता दिखाई दे रहा है। नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने 130 करोड़ रुपए की नकदी और आभूषण जब्त किए हैं। इसके अलावा आयकरदाताओं ने करीब 2,000 करोड़ रपये के बेहिसाबी धन का खुलासा किया है।
केवल जम्मू और कश्मीर में नोतेबंदी के समय जमा होने के लिए आने वाली ९५ प्रतिशत नोट नकली निकली थी व पुरे भारत में भी लगभग १० प्रतिशत नोट नकली निकली थी | करोडो की संख्या में कालेधन वाले पकडे गए व अरबो की संख्या में कालाधन पकड़ा गया न जाने कितने कालेधन कुबेरों पर इनकम टैक्स विभाग ने कार्यवाहिया की गई, कुछ बैंक कर्मचारियों विशेष रूप से एक्सिस बैंक के ब्रांचो में काले धन को सफ़ेद करने वाले भी पकडे गए व कार्यवाहियां भी की गई|

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आयकर विभाग ने बताया कि करीब 30 मामले प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) और सीबीआई को आगे जांच के लिए सौंप किए गए हैं। आयकर विभाग ने मंगलवार(6 दिसंबर) को बताया कि करीब 30 मामले ईडी और सीबीआई को जांच के लिए सौंपे गए हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बयान में कहा है कि विभाग ने 8 नवंबर के बाद करीब 400 मामलों के जांच में तेजी की है। विभाग, ईडी और सीबीआई द्वारा गड़बड़ियों का पता लगाने का प्रयास कर रहा है।

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बयान में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद करीब 130 करोड़ रुपए की नकदी और आभूषण जब्त किए गए हैं। साथ ही करदाताओं ने करीब 2,000 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा किया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 8 नवंबर को काले धन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 और 1,000 के नोट को बंद करने की घोषणा की थी।

जीएसटी के लागु होने के बाद लगभग १० हजार के ऊपर फर्जी कंपनिया बंद होगई, मात्र उत्तर प्रदेश में लगभग ५० हजार के लगभग नए आयकर दाता नए बने है, तो पुरे भारत में कितने, आप सोच सकते है |
इतना सब होने के बावजूद कुछ चोर व भ्रष्ट्राचारियो जिनका इस नोटेबंदी के कारण काफी नुकसान हो गए लगभग बर्बाद से हो गए है वो अपनी खीझ निकलने के लिए लगातार नोटेबंदी को असफल साबित करने के लिए काफी मजेदार व् रोचक तथ्य व् आंकड़ो जो वास्तविकता से परे है ला -ला कर दुष्प्रचार कर रहे है विपक्ष केवल विरोध ही कर रहा है उसपर चारा-चोर लालू प्रसाद, घोटालो की जननी कांग्रेस, स्वम्भू इमानदार (दो करोड़ की घुस व् १६ हजार की थाली का भोजन करने वाले ) श्री अरविन्द केजरीवाल जी व् शारदा फण्ड के घोटालो में किरकिरी करवाने वाली ममता बनर्जी जैसो इमानदार लोगो द्वारा नोट्बंदी का विरोध करने पर ही इसकी सफलता के सारे सबुत स्पष्ट हो जाते है और इसका कोई अन्य प्रमाण की आवश्यकता ही नहीं रह जाती है|
क्या आप को नोट्बंदी की सफलता पर असमंजस की स्थिति पर है तो भारत के सबसे भ्रष्टतम नेताओ द्वारा इसके विरोध में काफी मजेदार व् रोचक तथ्य व् आंकड़ो को भी सुनकर अविश्वास या संसय रह जाता है क्या आप के मन में? आप के विचार में क्या नोटेबंदी सफल या असफल?
कृपया कारण सहित बताइए कि आप की नजर में नोटेबंदी सफल तो किस वजह से ? असफल तो किस वजह से ?